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किसान आंदोलन और कृषि कानून का असर : UP Election 2022

UP Election 2022: उत्तर प्रदेश के प्रथम चरण के चुनाव 11 जिलों में ईवीएम मशीन द्वारा हो चुके हैं अब 58 सीटों पर 623 उम्मीदवार की किस्मत कैद हो चुकी है। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 58 सीटों पर सिर्फ 60.17 फीसदी वोटिंग हुई है। वही 2017 में इसी चुनाव में 64.56 फीसदी वोटिंग रही थी। इस बार लोगो में पिछली बार के चुनाव की तरह उत्साह देखने को नहीं मिला है।




पिछली चुनाव से 3 फीसदी कम वोटिंग

यूपी में प्रथम चरण के चुनावों को देखें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में जो वोटिंग के ट्रेंड को देखा जाए तो पिछले चुनाव से 3 फ़ीसदी वोट कम डाले गए हैं। वहीं 2012 के चुनाव में इन्हीं सीटों पर 61.03 फ़ीसदी वोट रहे थे। लेकिन 2017 के चुनावों में 3.5 फ़ीसदी का ज्यादा वोटिंग हुई थी। उस वक़्त बीजेपी पार्टी को काफी फैयदा हुआ था और सपा, बसपा, कांग्रेस आदि पार्टी को नुकसान झेलना पड़ गया था।

किसान आंदोलन और कृषि कानून का असर क्या होगा

नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि कानून के खिलाफ काफी किसानों ने आंदोलन किया है। इस आंदोलन सबसे ज्यादा असर पश्चिमी Uttar Pradesh पर ही पड़ा है। राकेश टिकैत ने भी खुलकर कहा है कि उन्होंने भाजपा सरकार को वोट दिया था लेकिन अब इस आंदोलन के कारण वह बीजेपी को वोट नहीं देंगे। इस बार जाट की तरफ से बीजेपी को वोट नहीं मिलने वाले है। अभी जिन भी सीट पर मतदान हो रहे है, उसमे 2 दर्जन सीटों पर जाट की आबादी 35 फीसदी है।

चार में कम तो सात जिले में ज्यादा वोटिंग

पहले चरण के चुनाव में 7 जिलों में वोटिंग बढ़ी है जबकि 4 जिलों में वोटिंग कम हुई है। बुलंदशहर, मथुरा, हापुड़, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली में वोटों की परसेंटेज पिछले चुनाव से काफी ज्यादा बड़ी है। लेकिन नोएडा, आगरा, गाजियाबाद और अलीगढ़ में पिछली बार से वोटिंग कम हुई है। नोएडा में पिछली बार से 10 फ़ीसदी कम और शामली जिले में 10 फ़ीसदी ज्यादा वोट डाले गये है। जब भी वोट कम और ज्यादा हो तो इससे चुनावी नतीजों पर भी असर देखने को मिलता है।

किस जिले में किसको कितनी सीटें मिली थीं

पहले चरण के चुनाव में शामली जिले में 3 सीटों पर चुनाव हुआ है जिसमें से 2 सीटें बीजेपी और 1 सीट सपा पार्टी की है। मेरठ में 7 सीटों में से 6 सीट बीजेपी और 7 सपा के पास है। बागपत जिले में एक आरएलडी और 2 सीट बीजेपी की है। वही बुलंदशहर और अलीगढ़ की 7 सीट पर बीजेपी का ही कब्जा है। नोएडा की 3 सीटें बीजेपी के पास और गाजियाबाद की 5 सीटें बीजेपी के पास है। मुजफ्फनगर में 6 सीटें बीजेपी के पास है। मथुरा में 5 सीट बीजेपी और 1 बसपा ने जीती है। आगरा की 9 सीट भी बीजेपी के पास ही है।

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